CNG कार की देखभाल कैसे करें: 6 ज़रूरी बातें, सावधानियां और जांच

लेखक: Prem Rathia | अंतिम अपडेट: 29 अक्टूबर 2026

आप शायद मानते हैं कि CNG कार की देखभाल पेट्रोल कार जैसी ही है, बस गैस भरवाते रहो। पर भारत के गैस सिलेंडर नियम 2016 के नियम 35 के मुताबिक CNG सिलेंडर की हर तीन साल में दोबारा जांच ज़रूरी है (PESO की प्रस्तुति के अनुसार)। तो CNG कार की देखभाल कैसे करें? सीधा जवाब: सिलेंडर की समय पर जांच कराएं, लीक पर नज़र रखें, फ़िलिंग सही तरीके से करें और सर्विस अधिकृत जगह कराएं।

इस लेख में 6 ज़रूरी बातें हैं, हर बात के साथ यह भी कि वह कब लागू नहीं होती। आख़िर में एक छोटी आदत भी है।

ये जानकारी कहां से आई है: PESO की प्रस्तुति (PNGRB की साइट पर), Maruti Suzuki का S-CNG रखरखाव गाइड, और Acko का CNG कार गाइड (अक्टूबर 2026)। कंपनी के ओनर्स मैनुअल मैं नहीं खोल सका। आपकी कार का मॉडल और किट अलग हो सकता है, इसलिए अपने ओनर्स मैनुअल को ही अंतिम मानें।

सुरक्षा पहले

  • इंजन बंद, गाड़ी से बाहर और धूम्रपान मना, फ़िलिंग के समय यही नियम रखें।
  • गैस की गंध आए तो गाड़ी बंद करें, खुली जगह पर जाएं और चिंगारी या आग से दूर रहें।
  • अपनी मर्ज़ी से किट में फेरबदल न करें। गलत जोड़ से लीक का खतरा बढ़ता है।

त्वरित जवाब

कामकितनी बारस्रोत
सिलेंडर की दोबारा जांचहर 3 सालPESO, गैस सिलेंडर नियम 2016
सिलेंडर और पाइप की नज़र से जांचहर सर्विस पर, और नियमित रूप सेMaruti, Acko
स्पार्क प्लगनियमित सफ़ाई और ज़रूरत पर बदलावMaruti
CNG फ़िल्टरलगभग 20,000 किमी [VERIFY]Acko, स्रोत नहीं बताया

1. सिलेंडर की 3 साल वाली जांच

PESO की प्रस्तुति के मुताबिक सिलेंडर की दोबारा जांच गैस सिलेंडर नियम 2016 के नियम 35 के तहत हर तीन साल में होनी चाहिए। ड्राइवर को सिलेंडर और ज़रूरी पुर्ज़ों का जांच रिकॉर्ड साथ रखना चाहिए, और फ़िलिंग स्टेशन सिलेंडर का हिस्ट्री कार्ड देख सकते हैं।

एक स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक PESO ने 7 जुलाई 2026 के सर्कुलर में कहा है कि जांच बकाया होने पर सिलेंडर में गैस नहीं भरी जानी चाहिए । इसलिए तारीख़ याद रखें और जांच सिर्फ़ मान्यता प्राप्त केंद्र से कराएं।

यह कब लागू नहीं होता: पहली जांच की तारीख़ कार और सिलेंडर के हिसाब से अलग हो सकती है। अपने सिलेंडर की प्लेट या दस्तावेज़ देखें।

2. लीक और सिलेंडर की नज़र से जांच

Maruti का गाइड सलाह देता है कि S-CNG टैंक को समय-समय पर देखें कि कहीं उभार, खरोंच या लीक के निशान तो नहीं हैं। किट में लीक हो तो कार को पेट्रोल पर चलाने की कोशिश न करें, नज़दीकी अधिकृत सर्विस सेंटर पर ले जाएं।

हर सर्विस पर पाइप और जोड़ की जांच करवाएं।

यह कब लागू नहीं होता: अगर आपको गैस की तेज़ गंध आ रही है, तो जांच का इंतज़ार न करें। गाड़ी बंद करके सुरक्षित दूरी पर हट जाएं और सर्विस सेंटर बुलाएं।

3. फ़िलिंग की सही आदतें

Acko की गाइड के मुताबिक इग्निशन बंद रखें, सिलेंडर में ज़रूरत से ज़्यादा गैस न भरवाएं और दबाव कंपनी की तय सीमा के भीतर रखें। गर्मी में सुबह के ठंडे समय में फ़िलिंग बेहतर रहती है। इसमें लिखी “दो-तिहाई” जैसी सीमा मैं मैनुअल से मिला नहीं सका , इसलिए अपनी कार के मैनुअल की सीमा मानें।

यह कब लागू नहीं होता: कई कारों के मैनुअल में स्टार्ट करने का तरीका अलग होता है। कुछ पेट्रोल पर स्टार्ट होकर बाद में CNG पर बदलती हैं। अपनी कार के लिए मैनुअल देखें।

4. स्पार्क प्लग और फ़िल्टर

Maruti के गाइड के मुताबिक CNG किट में स्पार्क प्लग जल्दी घिस सकते हैं, इसलिए उन्हें समय-समय पर साफ़ करें और ज़रूरत पर बदलें। Acko CNG फ़िल्टर को लगभग 20,000 किमी पर बदलने की बात कहता है, पर यह बिना स्रोत का आंकड़ा है

एयर फ़िल्टर धूल वाले इलाक़ों में जल्दी गंदा होता है, तो सर्विस पर उसे भी देखें। CNG कार में पावर कम महसूस हो तो सबसे पहले इन्हीं की जांच कराएं।

यह कब लागू नहीं होता: अलग कंपनी और इंजन के लिए स्पार्क प्लग का अंतराल अलग है। मैनुअल का शेड्यूल मानें।

5. अधिकृत जगह से सर्विस और असली पुर्ज़े

Maruti का गाइड कहता है कि नियमित सर्विस न छोड़ें और बदलने वाले पुर्ज़ों में असली पुर्ज़े लगवाएं। Acko भी कंपनी-फ़िटेड या अधिकृत CNG किट और उसकी सिलेंडर टेस्ट सर्टिफ़िकेट की बात करता है।

Acko अनधिकृत फिटर से बचने की सलाह देता है। किट का काम सिर्फ़ मान्यता प्राप्त फिटर से कराएं और सिलेंडर का टेस्ट सर्टिफ़िकेट अपने पास रखें।

यह कब लागू नहीं होता: अगर कार का वारंटी का समय बीत चुका है, तब भी सुरक्षा से जुड़े काम अधिकृत या मान्यता प्राप्त जगह पर ही कराएं।

6. गर्मी और पार्किंग

Acko छाया या ढकी जगह पर पार्क करने की सलाह देता है, ताकि सिलेंडर पर सीधी गर्मी न पड़े। Acko ज्वलनशील सामान और पटाखे कार में न रखने की भी सलाह देता है।

यह कब लागू नहीं होता: बंद गैरेज में खड़ी करते समय हवा की आवाजाही का ध्यान रखें। गैस की गंध हो तो गैरेज में कार न छोड़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

CNG सिलेंडर की जांच कितने साल में होती है?

PESO की प्रस्तुति के मुताबिक हर तीन साल में, गैस सिलेंडर नियम 2016 के नियम 35 के तहत।

CNG कार में गैस लीक हो तो क्या करें?

कार बंद करें, खुली जगह पर जाएं और अधिकृत सर्विस सेंटर बुलाएं। Maruti का गाइड कहता है कि कार को पेट्रोल पर चलाने की कोशिश न करें।

निष्कर्ष

इन 6 बातों में से सबसे ज़रूरी सिलेंडर की तारीख़ और लीक पर नज़र है, क्योंकि यह सीधे सुरक्षा से जुड़ी है। बाकी बातें कार को लंबा चलाती हैं और खर्च बचाती हैं। आज अपने सिलेंडर की प्लेट पर जांच की अगली तारीख़ नोट कर लें और फ़ोन में रिमाइंडर लगा लें। आपकी CNG कार में कोई दिक्कत आई हो या किसी टॉपिक पर लेख चाहिए, तो [psrfine@gmail.com] पर लिखकर बताइए।

Leave a Comment